कवरेज इंडिया न्यूज ब्यूरो मुंबई
मुंबई/गोवा। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। नाना पाटेकर को वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। अभिनय के अलावा वे सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे और किसानों सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों के लिए काम करते रहे।
उनके निधन की खबर से भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत फिल्म और राजनीतिक जगत की कई हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। अपने करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
