95 लाख की रिकॉर्ड बोली वाली मशहूर ‘महाकाल कचौड़ी’ के मालिक के साथ रास्ते में क्या हुआ? मन्नत पूरी करने निकला परिवार पलभर में हो गया खत्म


कवरेज इंडिया न्यूज ब्यूरो प्रयागराज 

प्रयागराज के फाफामऊ (शांतिपुरम) निवासी एवं संगम क्षेत्र की मशहूर ‘महाकाल कचौड़ी’ दुकान के संचालक दीपक चौरसिया की शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस भीषण हादसे में उनके दोनों जवान बेटों दिव्यांश चौरसिया और मान चौरसिया की भी जान चली गई। एक साथ पिता और दोनों बेटों की मौत की खबर से पूरे प्रयागराज में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, दीपक चौरसिया संगम क्षेत्र में अपनी प्रसिद्ध ‘महाकाल कचौड़ी’ दुकान के कारण काफी चर्चित थे। उनकी दुकान उस समय सुर्खियों में आई थी, जब महाकुंभ मेले के दौरान यह दुकान करीब 95 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली में ली गई थी। इसी वजह से दीपक चौरसिया व्यापारिक जगत में एक चर्चित नाम बन गए थे।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह दीपक चौरसिया अपने परिवार के साथ मैहर धाम दर्शन के लिए रवाना हुए थे। उनके छोटे बेटे मान चौरसिया का हाल ही में लखनऊ लॉ कॉलेज में सिलेक्शन हुआ था। बेटे की सफलता पर परिवार ने मन्नत मांगी थी, जिसे पूरा करने के लिए वे दर्शन करने जा रहे थे । लेकिन किसी को क्या पता था कि यह खुशी भरा सफर परिवार के लिए आखिरी यात्रा साबित होगा। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र स्थित लेप्रोसी चौराहे के पास उनकी कार की सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार से जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हादसा इतना गंभीर था कि दीपक चौरसिया और उनके दोनों बेटों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि घटना के समय दीपक चौरसिया की पत्नी कानपुर स्थित अपने मायके में थीं। जैसे ही उन्हें हादसे की सूचना मिली, वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार की इस दर्दनाक त्रासदी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। प्रयागराज के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।

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