कवरेज इंडिया न्यूज ब्यूरो प्रयागराज
प्रयागराज। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को निशाना बनाते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर दी। इस वेबसाइट के जरिए अभ्यर्थियों को भ्रमित करने के साथ-साथ आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस और साइबर टीम इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
आयोग की साख पर आंच डालने की साजिश
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने आयोग के नाम और परीक्षा से जुड़ी विश्वसनीयता का दुरुपयोग करते हुए एक नकली वेबसाइट तैयार की। इस वेबसाइट के माध्यम से अभ्यर्थियों को फर्जी सूचनाएं देकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वेबसाइटों का उद्देश्य अक्सर अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क या अन्य भुगतान के नाम पर ठगी करना होता है, साथ ही व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना भी इनका मकसद हो सकता है।
पुलिस और साइबर टीम सक्रिय
कर्नलगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान शुरू कर दी है। वेबसाइट के सर्वर, डोमेन डिटेल और संबंधित डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
अभ्यर्थियों के लिए चेतावनी
प्रशासन और साइबर विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी परीक्षा से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही प्राप्त करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या मैसेज पर भरोसा करने से बचें।
