फेसबुक दोस्ती बनी साइबर ठगी का जाल: गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर युवक से 26 लाख की ठगी - By Coverage India


कवरेज इंडिया न्यूज ब्यूरो वाराणसी 

वाराणसी। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना अब जोखिम भरा साबित हो रहा है। ताजा मामला वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक को फेसबुक पर हुई दोस्ती भारी पड़ गई। खुद को निवेश सलाहकार बताने वाली एक युवती ने गोल्ड ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे 26 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली।

पीड़ित प्रवीण कुमार, निवासी घोहट्टा, ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ऐसे बुना गया ठगी का जाल

पीड़ित के अनुसार, जुलाई 2024 में “रोशनी राय” नाम की युवती की फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद दोनों के बीच बातचीत व्हाट्सएप पर शिफ्ट हो गई। बातचीत के दौरान युवती ने खुद को निवेश क्षेत्र से जुड़ा बताते हुए गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का दावा किया।

उसने एक लिंक भेजकर पीड़ित को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए पीड़ित से मात्र 1 लाख रुपये निवेश कराए गए। कुछ ही समय में प्लेटफॉर्म पर उनकी राशि तेजी से बढ़ती हुई दिखाई गई।

पहले भरोसा, फिर बड़ा निवेश

विश्वास बढ़ाने के लिए आरोपित युवती ने दो बार 8-8 हजार रुपये की निकासी भी कराई। इससे पीड़ित को लगा कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह सुरक्षित और असली है। इसी भरोसे के चलते 3 अक्टूबर 2024 को उन्होंने 5 लाख रुपये और निवेश कर दिए।

इसके बाद उनके अकाउंट में लगभग 32 लाख रुपये दिखने लगे, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया।

निकासी के नाम पर शुरू हुआ असली खेल

जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तब ठगों ने “रिस्क मार्जिन” के नाम पर 40% अतिरिक्त रकम की मांग की। इस बहाने उनसे 12.10 लाख रुपये और जमा कराए गए।

इसके बाद “टैक्स” के नाम पर 30% अतिरिक्त शुल्क बताते हुए 9,12,585 रुपये और वसूल लिए गए। बावजूद इसके, जब पीड़ित ने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो उनसे लगातार नई-नई फीस और चार्ज के नाम पर और रकम मांगी जाने लगी।

लगातार हो रही मांग और पैसे न मिलने पर आखिरकार पीड़ित को एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

साइबर एक्सपर्ट की चेतावनी: ‘गैरंटी मुनाफा’ सबसे बड़ा जाल

साइबर एक्सपर्ट जय प्रकाश सिंह के अनुसार, वर्तमान समय में सबसे अधिक ठगी ऑनलाइन निवेश और जल्दी अमीर बनने के लालच में हो रही है।

उनके मुताबिक, साइबर अपराधी पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करते हैं, फिर धीरे-धीरे भरोसा बनाते हैं और उसके बाद “गैरंटी मुनाफा” का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।

ठग फर्जी स्क्रीनशॉट, नकली अकाउंट स्टेटमेंट, फोटो और वीडियो दिखाकर यह विश्वास दिलाते हैं कि निवेश से भारी कमाई हो रही है। कई मामलों में वे नकली वेबसाइट या मोबाइल ऐप तैयार कर देते हैं, जिसमें निवेश की रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं होता।

शुरुआत में थोड़ी रकम वापस करके भरोसा जीता जाता है, लेकिन जब निवेश बढ़ता है, तो “रिस्क मार्जिन”, “टैक्स” और “प्रोसेसिंग फीस” जैसे बहानों से बार-बार पैसे ऐंठे जाते हैं।

कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें

“गैरंटी मुनाफा” या बहुत अधिक रिटर्न के दावे पर भरोसा न करें

किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की पूरी जांच-पड़ताल करें

बार-बार अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने की मांग हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं

संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें

ठगी होने पर तुरंत क्या करें

तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें

National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें

नजदीकी थाने में लिखित शिकायत दें

जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं

समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम वापस मिलने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

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