फर्जी मुकदमों के सहारे भूमाफिया का जमीन हड़पने का सिलसिला जारी, पीड़ित पर ही लगाया SC/ST एक्ट


कुलदीप शुक्ल | कवरेज इंडिया प्रयागराज 

प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कटहुला गौसपुर (तहसील सदर) में एक गंभीर भूमि विवाद ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन मालिक ब्रह्मानंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनकी विधिवत रजिस्टर्ड संपत्ति पर कुछ असामाजिक तत्वों ने बाउंड्री वॉल तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया और अब वहां अनधिकृत निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। इस मामले में पीड़ित पर ही SC/ST (अनुसूचित जाति/जनजाति) एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का खुलासा हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मिश्रा ने पत्रकारों के समक्ष पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विवादित प्लॉट उनकी ओर से विधिवत खरीदी और रजिस्ट्री की गई संपत्ति है, जिस पर उनका पूर्ण वैध कब्जा भी स्थापित था। "कुछ महीनों पहले एक महिला ने फर्जी रजिस्ट्री के दम पर हमारी बाउंड्री वॉल ध्वस्त कर दी और जमीन पर कब्जा जमा लिया। जब हमने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की, तो जिलाधिकारी ने जांच के आदेश जारी कर दिए थे," मिश्रा ने कहा।

हालांकि, जांच प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले विरोधी पक्ष ने चालाकी से मिश्रा के खिलाफ SC/ST एक्ट के अंतर्गत फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। मिश्रा के अनुसार, यह रणनीति इसलिए अपनाई गई ताकि वे कानूनी लड़ाई लड़ने में असमर्थ हो जाएं। इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए उन्होंने कहा, "भूमाफिया और प्रभावशाली लोग महिलाओं तथा हरिजन वर्ग के नाम पर ऐसे झूठे मुकदमे ठोककर निर्दोषों को फंसाने का क्रूर खेल खेल रहे हैं। यह न केवल कानूनी व्यवस्था का अपमान है, बल्कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर भी प्रहार है।"

मामले में तत्काल राहत मिलने के बाद मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में संरक्षण याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ित पक्ष को अस्थायी संतुष्टि तो मिली, लेकिन विवाद का मूल मुद्दा—अवैध कब्जा और निर्माण—अभी भी अनसुलझा है।

प्रेस वार्ता के अंत में ब्रह्मानंद मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे अपील की। उन्होंने मांग की कि विवादित जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए, फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाए, तथा उनकी संपत्ति को बिना विलंब बहाल किया जाए। "मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि भूमाफिया के इस गिरोह को कुचलने के लिए सख्त कार्रवाई हो, ताकि अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिल सके," उन्होंने जोर देकर कहा।

प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच जारी है, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि भूमि माफिया की सक्रियता से आम आदमी की संपत्ति असुरक्षित हो रही है। जिला प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपेक्षा बढ़ती जा रही है।

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