प्रयागराज से बड़ी खबर: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कोर्ट का आदेश - Coverage India

प्रयागराज। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के मामले में एडीजे रेप एवं पोक्सो स्पेशल कोर्ट से महत्वपूर्ण आदेश जारी हुआ है। अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

एडीजे पोक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने सुनवाई के उपरांत पुलिस को आदेशित किया कि प्रकरण में संज्ञेय अपराध बनता है, अतः विधिक प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाए।

मामला क्या है?

शिकायतकर्ता की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण पीड़ित पक्ष को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों, प्रार्थना पत्र और प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया जांच की आवश्यकता मानते हुए यह आदेश पारित किया।


कोर्ट के निर्देश

अदालत ने स्पष्ट किया कि संज्ञेय अपराध के मामलों में पुलिस की वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। आदेश के अनुसार अब संबंधित थाना पुलिस को:


विधिवत एफआईआर दर्ज करनी होगी

पीड़ित/शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने होंगे

आवश्यक साक्ष्य संकलित करने होंगे

कानून के अनुरूप आगे की विवेचना करनी होगी

आगे की कार्रवाई


कोर्ट के आदेश के बाद अब मामला औपचारिक रूप से आपराधिक जांच की प्रक्रिया में प्रवेश करेगा। पुलिस विवेचना के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।


यह मामला एक प्रमुख धार्मिक पद से जुड़े व्यक्ति के विरुद्ध होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है। फिलहाल आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के उपरांत ही हो सकेगी।

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