}(document, "script")); प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनपुरा ढखवा की हालत जर्जर और खस्ताहाल और लगा गंदगी का अंबार

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनपुरा ढखवा की हालत जर्जर और खस्ताहाल और लगा गंदगी का अंबार


कवरेज इंडिया संवाददाता 

 ढकवा बाज़ार । जनता की मूलभूत सुबिधाओ के लिए जनपद के आख़िरी छोर पर बना स्व शहीद महादेव यादव प्राथमिक स्वास्थ केंद्र ढकवा सोनपुरा इन दिनों बदहाली का शिकार हो गया है। इस तपती गर्मी में पंखे का बोर्ड ख़राब होने से यहाँ भर्ती मरीज़ गर्मी से परेशान है , मरीजो के बेड के नीचे कुत्ते आराम फ़रमा रहे है , वाश बेसन गुटखे की पीक से लाल पड़ी है , बिजली के बोर्ड टूटकर हवा में लटक रहे है , मरीजो के बेडो की चादरे तो मानो महीनों से नहीं धुली गई हो , मरीज़ रेक्सीन के गद्दों पर सोने को मजबूर है ,मरीजो को ग्लूकोज़ की बोतले रस्सी के सहारे जुगाड़ से दरवाज़े में बांधकर चढ़ाई जा रही है खिड़कियाँ टूटी फूटी पड़ी है जिससे वार्डों में मच्छरों का प्रकोप है। मरीजो के लिये बना शौचालय की सीट टूट चुकी है दरवाज़ो पर दीमक लग गये है। अस्पताल परिसर में लगा हैंडपंप गंदा व दूसित पानी दे रहा है है जिससे मरीजो को घर से पानी लाना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ़ सफ़ाई ना होने से बड़ी बड़ी झड़ियाँ उग आयी है जिससे वार्डों में ज़हरीले जीव जंतु व मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। अस्पताल में डॉ अनिल पाठक के अलावा एक फार्मासिस्ट, दो वार्ड ब्वाय, एक स्टाफ नर्श सहित कुल छः लोगो की तैनाती है लेकीन अस्पताल की बदहाली के कारण लोगो को आकस्मित चिकित्सा के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर अमरगढ़ जाना पड़ता है ।

अस्पताल के हालात इन दिनों ख़स्ताहाल है यहाँ के ज़िम्मे दार अधिकारियो के मरीजो की कोई चिंता नहीं है,

अस्पताल में मरीजो को कोई सुबिधा नहीं मिल पा रही है ख़ासकर गरीब तबके के ऐसे मरीज़ जो निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं है उनके लिए यह बड़ी समस्या है।


क्या कहते है मरीज़

बिद्या देवी अपने घर की एक मरीज़ सन्नों दुबे को पेट दर्द का इलाज कराने आयी थी उन्होंने बताया की इलाज तो हो रहा है लेकिन अबेवस्था बहुत है, बिजली तो है लेकिन पंखे नहीं चल रहे है शौचालय की कोई बेवस्था नहीं है , प्यास लगी गई घर से पानी मँगवाई हूँ।

वही नगीना अपने साथ एक मरीज़ नेहा को लेकर आयी थी जिसे कई दिनों से सर दर्द और चक्कर की शिकायत थी जिन्हें जुगाड़ से रस्सी के सहारे बोतल को बांधकर पानी चढ़ाया जा रहा था , उन्होंने बताया कि अगर यह एक दो घंटे और रहना पड़े तो मैं भी बीमार हो जाऊँगी ,चादरें गंदी पड़ी है इस भयानक गर्मी में हवा करने के लिए घर से पंखी मँगवायी हूँ, साफ़ सफ़ाई की स्थित बहुत बुरी है।

सोनपुरा के ही निवासी हरिकेश पाठक कहते है कि अस्पताल की स्थित बहुत बुरी है कई बार जिमेदारो को अवगत भी करवाया गया लेकिन किसी के कानों में जूँ नहीं रेंग रही है , फलस्वरूप यहाँ के मरीजो को बीस से पच्चीस किलोमीटर दूर इलाज के लिए जाना पड़ता है । 


क्या कहते है ज़िम्मेदार 

सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के अधीक्षक डॉ एच राम ने कहा कि सोनपुरा पीएचसी सोनपुरा अब नगर पंचायत के अन्तर्गत आ गई है इस लिये थोड़ा बिलम्ब हो रहा है , नगर पंचायत से अप्रूवल मिलने के बाद मरम्मत करवाकर अबेवस्थाओ को दूर कर दिया जाएगा ।

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