}(document, "script")); बहराइच - बाढ़ के दौरान संचालित होने वाली सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक रसोई होगी सम्मानित

बहराइच - बाढ़ के दौरान संचालित होने वाली सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक रसोई होगी सम्मानित


कवरेज इंडिया न्यूज़ डेस्क

बहराइच - जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र व पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी ने तहसील कैसरगंज क्षेत्र का भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायज़ा लिया। डीएम व एसपी ने विकास खण्ड कैसरगंज व तहसील मुख्यालय कैसरगंज में संचालित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार किये जा रहे भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई तथा रसोई में उपलब्ध खाद्य सामग्री तथा मैन पावर के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भोजन को चख कर लंच पैकेट की गुणवत्ता को भी परखा। कैसरगंज तहसील मुख्यालय पर संचालित सामुदायिक रसोई की व्यवस्था अच्छी पाये जाने पर नायब तहसीलदार अल्पिका वर्मा को नगद रूप से पुरस्कृत भी किया।  

सामुदायिक रसोई के निरीक्षण की एक विशेषता यह भी रही कि डीएम डॉ. चन्द्र ने स्वयं पूड़ी छानने वाला पौना थाम कर बाढ़ पीड़ितों के लिए अपने हाथों से पूरी भी छानी। विकास खण्ड कैसरगंज में संचालित रसोई की साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाएं उत्कृष्ट पाये जाने पर डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाढ़ के पश्चात जिले की सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक रसोई को सम्मानित भी किया जायेगा। सामुदायिक रसोई के निरीक्षण के उपरान्त डीएम व एसपी ने चुलम्भा जुड़ियाडीह बंधा कैसरगंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया तथा मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी गृहविहीन हुए लोगों को राहत किट का वितरण अवश्य किया जाय। राहत किट वितरण की जिम्मेदारी सम्बन्धित तहसीलदारों की होगी। यहां पर डीएम व एसपी ने गोड़हिया नम्बर 01 में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए नाव से भेजे जा रहे लंच पैकेट के लोडिंग में श्रमदान किया तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को त्रिपाल का वितरण भी किया। 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने बताया कि विगत एक सप्ताह में हुई अतिवृष्टि के कारण तहसील नानपारा, मोतीपुर, महसी व कैसरगंज के लगभग 187 गॉव बाढ़ से प्रभावित हुए है। डॉ. चन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन की मंशानुरूप जिले में राहत व बचाव कार्य संचालित किये जा रहे हैं। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। डीएम ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले के बाढ़ प्रभावितों को राशन सामग्री किट का वितरण प्रारम्भ हो गया है। डीएम ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी के निर्देश है कि ऐसे परिवार जो बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं उन्हें पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाय तथा ऐसे परिवार जो स्वयं से भोजन तैयार कर सकते हैं उन्हें ड्राई राशन किट का वितरण किया जाय।  

डीएम डॉ. चन्द्र ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जैसे-जैसे पानी उतर रहा है कुछ समाजसेवी व अन्य संस्थाएं गांव में जाकर लोगों को भोजन के पैकेट इत्यादि का वितरण कर रही हैं। ऐसे स्थिति में इस बात की पुष्टि नहीं हो पाती है कि कौन सी संस्था द्वारा कहॉ पर और कौन सी सामग्री का वितरण किया जा रहा है। कहीं-कहीं ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है कि लोगों द्वारा लंच पैकेट फेंक देने से जिला प्रशासन की छवि धूमिल होती है। 

डीएम डॉ. चन्द्र ने स्वयं सेवी संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों तथा दानवीरों से अपील की है कि लंच पैकेट के रूप में खाद्य सामग्री का वितरण कदापि न करें। यदि किसी को किसी चीज़ का वितरण करना है कि तो ज़िला प्रशासन के संज्ञान में लाकर ही वितरण करें। डीएम ने संस्थाओं व दानवीरों से अपील की है कि ड्राई पैकेट के रूप में ही खाद्यान्न सामग्री का वितरण करें। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मा. मुख्यमंत्री व शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा भोजन की व्यवस्था की जा रही है। जिसमें कुछ लोगों द्वारा सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। डीएम डॉ. चन्द्र ने बताया कि व्यापार मण्डल के माध्यम से या आईएमए के माध्यम से वे सीधे खाद्यान्न के रूप में दिया है। भोजन के पैकेट के रूप में किसी की भी सहायता नहीं प्राप्त की गयी है। 

भ्रमण के दौरान प्रमुख कैसरगंज संदीप कुमार सिंह, तहसीलदार कैसरगंज अमरकान्त वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी कैसरगंज अजीत कुमार सिंह, समाजसेवी अरविन्द सिंह, प्रभात सिंह, कलीम व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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