}(document, "script")); इन राशि के लोग जरूर धारण करें मोती, जीवन में रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

इन राशि के लोग जरूर धारण करें मोती, जीवन में रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा


 

 ज्योतिष और रत्न शास्त्र के अनुसार, मोती का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मोती कब और कौन से राशि के जातकों को धारण करना चाहिए


कवरेज इंडिया धर्म कर्म डेस्क

Moti Gemstone Benefits Importance : रत्न शास्त्र भी ज्योतिष विद्या की एक प्रमुख शाखा मानी गई है। रत्न किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व अवश्य ही करते हैं। वैदिक शास्त्र में मोती को बहुत ही शुभ और प्रभावशाली रत्न माना गया है। मोती चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उनको मोती जरूर धारण करना चाहिए। ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना गया है। आज हम आपको रत्न शास्त्र में मोती का महत्व, इसके फायदे और धारण करने की विधि के बारे में बताएंगे।

मोती समुद्र में सीपियों के जरिए प्राप्त होती है। मोती सफेद,चमकदार और गोल आकार की होती है। रत्नों में मोती का विशेष महत्व होता है। चंद्रमा की तरह मोती के अंदर भी शीतला, शांत और सुंदर होती है। मोती का प्रभाव सीधे रूप से व्यक्ति के मन और शरीर में मौजूद रसायनों पर पड़ता है। साउथ सी मोती रत्न सबसे अच्छा माना जाता है।

कौन-कौन लोग मोती को धारण कर सकते हैं मोती

शास्त्र अनुसार मेष ,कर्क ,वृश्चिक और मीन लग्न के लिए मोती धारण करना उत्तम माना जाता है। चंद्रमा की महादशा होने पर मोती पहनना अच्छा माना जाता है। चंद्रमा अगर पाप ग्रहों की दृष्टि में है तब भी मोती धारण करने की सलाह दी जाती है। चंद्रमा अगर जन्म कुंडली में 6, 8 या 12 भाव में स्थित है तब भी आप मोती धारण सकते हैं। कुंडली में अगर चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो भी चंद्रमा का बल बढ़ाने के लिए मोती धारण कर सकते हैं। वहीं अगर जन्मकुंडली में नीच का चंद्रमा विराजमान हो तो भी मोती नहीं धारण करना चाहिए।

आर्थिक स्थिति मजबूत

मोती पहनने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है. मोती पहनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. लोगों को दिक्कतों से छुटकारा मिलता है. मोती शांति का कारक होता है. ऐसे में जिन लोगों को गुस्सा ज्यादा आता है, उन्हें मन शांत करने के लिए मोती धारण करना चाहिए. 

मोती धारण करने के नियम

मोती पहने के भी कुछ नियम हैं. मोती धारण करते समय इन बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. मोती को चांदी की अंगूठी में हाथ की सबसे छोटी अंगुली में शुक्ल पक्ष के सोमवार को रात में पहनना चाहिए. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि मोती का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. ऐसे में रात के समय मोती धारण करने से उसकी शक्तियां बढ़ जाती हैं.

मोती धारण करने के लाभ

- मोती रत्न चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा मन का कारक ग्रह होता है। मन को स्थिर,शांत और नकारात्मकता को खत्म करने के लिए मोती जरूर पहनना चाहिए।

- मोती धारण करने से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

- मोती पहनने से जातक के ऊपर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। क्योंकि मोती मां लक्ष्मी का बहुत ही प्रिय आभूषण है। मोती धारण करने पर व्यक्ति के जीवन में धन की कमी नहीं रहती।



एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने