अबकी सावन विश्वनाथ का अभिषेक माँ गंगा स्वयं करने वाली हैं जानिए कैसे?


कवरेज इंडिया न्यूज़ डेस्क वाराणसी

2022 का सावन काशी के लिए हजारों साल में अनोखा और दिव्य एवम भव्य होने वाला है,वैसे तो काशी नगरी को हमारे शास्त्र सप्त पुरियो में एक दिव्य महा मोक्ष पूरी कहते ही हैं, जिसमे कोई संदेह नही है,लेकिन इस अविनासी त्रिशूल पर बसी वरुणा एवम अस्सी के मिलने पर बनने वाली वाराणासी नगरी इस बार काशी कॉरिडोर के बन जाने से अत्यंत नव्य दिव्य एवम भव्य होने वाली है,चुकी पूरे ब्रह्मांड में भगवान शिव के अतिरिक्त कोई भी देव अपनी पत्नी या प्रेयशी को सिर पर जताओ में धारण नही किया है,लेकिन महादेव ने ऐसा किया है!सो इस बार श्रावण माह 14 जुलाई से प्रारम्भ होगा,18 जुलाई को प्रथम सोमवार होगा शुक्रवार, 12 अगस्त को सावन माह का समापन होगा. इस बीच कुल चार सोमवार व्रत पड़ेंगे. सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को होगा. इसके बाद 25 जुलाई को दूसरा सोमवार, 01 अगस्त को तीसरा सोमवार और 08 अगस्त को चौथा सोमवार पड़ेगा!संक्रांति को लेंगे तो 15 अगस्त को 5वा सोमवार ! भगवान की नगरी में विश्वनाथ जी का अभिषेक करने पतित पावनी माँ गंगा इस बार पूरी तैयारी में है,जिस बात की कल्पना मात्र से रोमांच होता है,उसे यदि आप अपनी आंखों से देखेंगे तो कैसा होगा विचार करें।।इस श्रावण बाबा का दर्शन वास्तव में दिव्य भव्य एवम नव्य होगा।


ऋषि अध्यात्म ज्योतिष सँस्थानम (काशी)

ज्योतिषाचार्य , कथाकार एवम अध्यात्मगुरू

{पूज्य श्री रतन वशिष्ठ जी महराज}

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