}(document, "script")); भारतीय पुनर्वास परिषद् के नेतृत्व में चल रहे तीन दिवसीय अंतर रास्ट्रीय सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का आज हुआ समापन

भारतीय पुनर्वास परिषद् के नेतृत्व में चल रहे तीन दिवसीय अंतर रास्ट्रीय सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का आज हुआ समापन


विजय मिश्र। कवरेज इंडिया भदोही

इन तीन दिवस के कार्यक्रम में जुड़े अनुभवी व्याख्याताओ के द्वारा तमाम जानकारी दिव्यागता के क्षेत्र में दी गयी और  शिक्षा जगत में दिव्यांग जनों के लिए या व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में चल रहे योजनाओ को इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगो तक पहुचाया गया साथ ही ऐसे दिव्यांग जो काफी गरीबी को झेल रहे है उनको किस तरह से समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके इसकी अत्यधिक विस्तार से जानकारी व्याखाताओ द्वारा दी गयी। पोषण को लेकर भी काफी चर्चा की गयी और बताया गया कि दिव्यांगता किस तरह हो सकती है ।जन्म के पूर्व या जन्म के समय और जन्म के बाद किस तरह से दिव्यांगता आ जाती है हमे किस किस तरह का एहतियात वर्तना चाहिए इसकी भी विस्तार से जानकारी दि गयी , दिव्यांगता को किस तरह से कम किया जा सकता है और दिव्यांग बालक को किस तरह से शीघ्र पहचान करें और किस तरह से शीघ्र हस्तक्षेप कर सकते है | 

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व्याख्याताओ द्वारा यह भी स्पस्ट किया गया की यदि दिव्यांग बालक की पहचान हम जल्दी कर लेते है और हस्तक्षेप करना शुरू कर देते है तो बालक में सुधार दिन प्रति दिन होगा और वह समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए सक्षम हो सकेगा | यु० डी० आई० डी० कार्ड को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई जिसमे सहभागियो की सर्वाधिक रूचि देखने को मिली |  सेमीनार के अंतिम दिन व्याख्याता सुश्री अनम कौशल , श्री बृजेश ,डॉ पूनम गर्ग ने अपने अपने विषय को  अत्यंत प्रभावशाली तरीके से संपन्न किया | कार्यक्रम का संचालन प्रोफेशेर चंद्रशेखर पाण्डेय द्वारा किया गया जिसमे विशेष सहयोग प्रोफेशर कपिल मुनि दुबे नें किया। तकनिकी सहयोग रजनीकांत एवं सहयोगी समूह सदस्य प्रो० सुशील कुमार पाल, विनोद कम्बोज ,दिलीप धनगर ,आनंद हिन्गोले महेश देश पाण्डेय प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर विवेक यादव संस्था के संचालक श्री संजय सिंह बघेल आदि मौजूद रहे |

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