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Thursday, March 19

शहर के बीचोबीच चल रहा है चकलाघर, कागज के टुकड़ों के चलते खामोश है पुलिस


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क शाहजहांपुर। 
शाहजहाँपुर शहर के बीचों बीच घनी बस्ती में शहर कोतवाली पुलिस के सरक्षण में चल रहे चकलाघर पर अब तक कोई कार्यवाही करने की बजाय कोतवाली पुलिस नियमित धन उगाही कर उच्चाधिकारियों की आंखों में धूल झोंक रही है, ऐसा नही है उच्चाधिकारियो को मामले की जानकारी न हो लेकिन हर कोई जिम्मेदारी से बचने की फिराक में रहता है, विगत 20 वर्षों चलने वाले इस चकलाघर में खाकी वर्दी वालो के साथ साथ सफेदपोश खदद्र्धरिओ का भी आना जाना लगा रहता है।
                 
विगत 16 मार्च को रात्रि करीब 8 बजे कोतवाली पुलिस ने पत्नी बेंच देने के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापा मारा उस वक्त चकलाघर में सेक्स वर्करों के साथ रंगरेलियां मनाने वाले भी मौजूद थे, लेकिन कोतवाली पुलिस कोई अरेस्टिंग नही किये जाने पर कोतवाली पुलिस सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है और खाली हाथ वापस वैरँग चली गई, जबकि जिस समय पुलिस चकलाघर में छापामार कार्यवाही कर रही थी उस समय जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केबी सिंह को कोतवाली पुलिस के कारनामो से अवगत भी करवा दिया गया, हद तब हुई उसके बाद भी कोई कार्यवाही नही कि गई हालांकि अंदेशा पहले से था पुलिस चकलाघर में मौजूद सेक्सवर्र्करो के साथ रंगरेलियां मनाने वालो को छोड़कर पुलिस खाली हाथ वापस चली गई।
                     
गौरतलब हो कि कोतवाली पुलिस क्षेत्र के नामी गिरामी जुआरी ने आज से लगभग 20 वर्ष पहले जुए में अपनी पत्नी को दांव पर लगा दिया था, जिसे तत्कालीन नगर पालिका सभासद ने बाजी में जीत लिया था और वर्षो तक अपनी पत्नी बनाकर रखा था, तभी से इस महिला ने घर को चकलाघर में तब्दील कर दिया था, इस चकलाघर में बहलाकर फुसलाकर लाई गई लड़कियों के साथ नवधनाढ्य मौज मस्ती करने आते है जिनकी ब्लू फिल्म बनाकर उनका आर्थिक दोहन किया जाता है ।

जिसका कुछ हिस्सा नियमित तौर पर कोतवाली पुलिस को भी पहुचाया जाता है, हल्के का दरोगा और बेरी चौकी का एक दरोगा नियमित इसी चकलाघर में आते जाते देखा जाता है, चकलाघर की वेहद शातिर और राजनैतिक रसूखों वाली है कमोवेश सभी राजनैतिक दलों के नेताओ से उसके गहरे सम्बन्ध  है, सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े नपा के एक वर्तमान सभासद इस बदनाम कोठी के पुराने मुरीद है अभी हाल ही में एक चुनाव के दौरान भाजपा का झंडा लगाया गया था,ताकि सत्ता की आड़ में वेश्यावर्त्ति का धंधा निर्बधगति से चलता रहे, हालांकि पूरे मामले की शिकायत भाजपा जिलाध्यक्ष से की गई लेकिन न जाने क्यों सत्तारुढ़ पार्टी से जुड़े लोगों ने अपनी आंखें बंद कर रखी है!
                                 
बताते चले कि चकलाघर की संचालिका पर अपनी ही विवाहिता बहू को भी बेचे जाने का आरोप है और इस बाबत कोतवाली में मुअस 161/2018 दर्ज है जिसे जलालाबाद निवासी पीयूष गुप्ता पुत्र सुनील गुप्ता ने अपनी पत्नी को बेंच दिया जिसमें कई अन्य भी नामजद है जिसकी तलाश में पुलिस ने छापा मारा था लेकिन जानबूझकर कोई अरेस्टिंग नही की गई थी!
                       
वर्षो से घनी आबादी के बीच चल रहे इस चकलाघर पर कोई कार्यवाही न किये जाने से आस पास सहित पूरे शहर  का माहौल खराब हो रहा है और वक्त रहते ध्यान न दिया गया तो किसी दिन कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है लेकिन कोतवाली पुलिस चन्द कागज के टुकड़ों के चलते कार्यवाही नही कर रही है

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