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Thursday, January 16

शाहजहांपुर में गउरक्षा के नाम पर धोखा गोशालाओं के नाम पर लाखो का बंदर बाट


सानू सिंह चौहान, कवरेज इण्डिया शाहजहांपुर। 
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की एक तहसील में गाय को गोली मारने का मामला सामने आया है जिसको देखने के बाद गौ रक्षक दल पर भी सवाल खड़े हो गये हैं जिसका जीता जागता प्रमाण यह है की गायों को कुत्तों का निवाला बनता  देख गौ रक्षक दल मुख्य दशकों की भांती देख कर अनदेखा करता नज़र आ रहा है इतना ही इस गोली मारने के प्रकरण में एक महिला को भी जान का जोखिम उठाना पड़ा है। जी हाँ महिला भी गोली का शिकार हो गयी जिसको उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया। सच तो यह है जब गौ शालाओं को बनवाया गया तो फिर रोडो़ पर अवारा जानवरों का घुमंना एक बडा़ सवाल है। यहीं वजह है लोग आवारा जानवरों से परेशान होकर अब कानून अपने हाथ में लेने लगे है।

शाहजहांपुर ताज़ा मामला ज़िले की तहसील जलालाबाद के गांव चकरैना का सामने आया है जहाँ भीषण ठंड से मर रहे जानवरो व गायों को कुत्ते खाते नज़र आ रहे है जिसका समाचार कई समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हो चुका है परन्तु प्रशासन का सुस्त रवैया कहीं न कहीं प्रदेश के मुख्य मंत्री के आदेशों को नकारने जैसा प्रतीत हो रहा है सच तो यह है जब गौ शालाओं को बनवाया गया तो फिर रोडो़ पर अवारा जानवरों का घुमंना एक बडा़ सवाल है। यहीं वजह है लोग आवारा जानवरों से परेशान होकर अब कानून अपने हाथ में लेने लगे है। हालांकि यह बात और है कि कुछ तथा कथित संगठन गौ रक्षा के नाम पर अराजकता फैसले में अपनी अहम भूमिका दिखाते नज़र आते है परन्तु गाय को माता कहने के लिये बड़े बड़े उपदेश देते दिखाई देते है लेकिन हकीकत मायनों मे वहीं गायों कि हत्या का सवव भी बनते सामने आ चुके है। जब गायों का दिलों में इतना सम्मान है तो इस तरह जानवरों को कुत्तों का नोंच नोंच कर खाना क्या सही है या सिर्फ धार्मिक उनमाद फैलाना ही एक लक्ष्य है।

लेकिन सभी बातों को दर किनार करते हुये गाय के नाम सिर्फ और सिर्फ रोटियां सेकी जा रही है जिसको देखते हुये समाज सेवी ने नये अंदाज़ मे शुरूआत कर दी है दरअसल समाज सेवी यह कोई और नही बल्कि यह वही सलमान है जो अक्सर किसी ना किसी बहाने इंसानों की ही नही बल्कि जानवरो की भी मदद करते दिखाई देते है सलमान का कहना है की प्रदेश मे भाजपा की सरकार होने के बावजूद भी गौ रक्षा के नाम पर गाय माता के साथ धोखा किया जा रहा है इसमें कही न कही जनपद के अधिकारी भी पूरी तरहा से ज़िम्मेदार है क्योंकि जिस तरह गौ रक्षा के नाम पर करोड़ो रुपया प्रदेश भर की गौ शालाओं को मुहयिया कराया जाता है और उनपर हुआ खर्च गौशाला सेवक संस्थान और अधिकारी दर्शाते है उसी गाय माता के नाम पर दोहाई देने वाले अधिकारियो और तथा कथित गौ रक्षा दल के लोग आपस मे बंदर बाट तो करलेते है पर हकीकत मायनो मे देखा जाये तो कुछ गाय तो रोडो पर भूख मरी से दम तोड़ देती है और कुछ तो इस कड़कड़ाती ठंड मे सर्दी लगने की वजहा से मर जाती है जिनके लिये शासन द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया कराने के बा बजूद भी उनकी देख रेख व सुरक्षा के इंतज़ाम कही देखने को नही मिलते जिसको देखने वाला कोई अधिकारी या कथित रक्षा दल नज़र नही आता एैसे मे सवाल उठना तो लाज़मी है की जिंन गौशालाओं से महीने की मोटी कमाई गौ रक्षा दल और अधिकारी कर रहे है उन्होंने कहा गायों तड़पता देख कई बार शिकायती पत्र भी दे चुके हैं लेकिन अभी तक किसी भी जिले के अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया।

 और लेते भी कैसे साहब को महीने कि कमाईयों में फर्क पड़ जाता है उन्होंने कहा अगर गायों के नाम से आये हुये धन का 30% भाग भी गायों पर खर्च कर दिया जाये तो शायद इस तरह बर्बरता पूर्वक किसी भी मरी हुई  गाय को कुत्ते नोच नोच कर खाते ना देखे जायें पर सलमान की इस बार की मेहनत कुछ न कुछ रंग ज़रूर लाएगी क्यों की समाज सेवी सलमान ने गौ रक्षा के नाम पर मोटी कमाई करने वालों पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं उनका कहना है की अब अधिकारी उनको बताये की शासन से कितना रुपया गौशालाओं के नाम पर आता है और कितना गायों की देख रेख रख रखाव व खानपान मे खर्च किया जाता है यदि अधिकारी इसका जबाब नही देते हैं तो मुमकिन है उनको इसके खिलाफ कोई ठोस कदम ज़रूर उठाना पड़ेगा । 

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