महाराष्ट्र में ठाकरे राज के पीछे भीष्म पितामह शरद पवार: बीजेपी - COVERAGE INDIA

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Friday, November 29

महाराष्ट्र में ठाकरे राज के पीछे भीष्म पितामह शरद पवार: बीजेपी


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क मुंबई। 
मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे अब मुख्यमंत्री की कुसीर् संभालने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा कि इसका श्रेय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार को जाता है। उन्होंने शरद पवार को भीष्म पितामह बताया। भीष्म पितामह, हिंदू महाकाव्य महाभारत के एक सम्मानित पात्र हैं।

IANS के अनुसार, उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से भाजपा के वरिष्ठ सांसद ने कहा कि अगर शरद पवार नहीं होते तो ‘महाराष्ट्र विकास अघाड़ी’ के लिए सरकार बनाना अंसभव कार्य होता। ‘महाराष्ट्र विकास अघाड़ी’ में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं। जगदंबिका पाल ने आईएएनएस से कहा, ‘शरद पवार ने भीष्म पितामह की भूमिका निभाई। अगर वह वहां नहीं होते तो वे (शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस) महाराष्ट्र में सरकार बनाने की सोच नहीं सकते थे।
उन्होंने कहा कि तीन पार्टियों का चुनाव के बाद बना नया गठबंधन तब तक चलेगा जब तक ‘शरद पवार वहां हैं।’

यह पूछे जाने पर कि अगर भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए विधायकों की जरूरी संख्या नहीं थी तो महाराष्ट्र में सरकार क्यों बनाई? जगदंबिका पाल ने कहा, ‘हम सरकार बनाने नहीं गए। यह राकांपा के अजित पवार थे, जिन्होंने हमसे (भाजपा) संपर्क किया। पाल ने कहा, ‘हमने राकांपा को आमंत्रित नहीं किया, अजित पवार राकांपा के 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र लेकर आए थे।’ भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह सरकार नहीं बनाएगी, क्योंकि उसके पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह अजित पवार का कदम था जिसके कारण हमें राज्य में सरकार बनाने का दावा करना पड़ा।

इसके बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री व राकांपा नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। यह महाराष्ट्र में सबसे अल्पकालिक सरकार रही, जो शनिवार सुबह 8 बजे शपथ लेने के बाद सिर्फ 80 घंटे तक रही। शिवसेना व भाजपा का चुनाव पूर्व गठबंधन, सीटों के बंटवारे व मुख्यमंत्री पद को लेकर टूट गया। भाजपा द्वारा संख्या की कमी के चलते सरकार बनाने से इनकार करने के बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को आमंत्रित किया, लेकिन वह भी विफल रही, जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।

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