मुझे भारत को सौंपा गया तो आत्महत्या कर लूंगा: नीरव मोदी - COVERAGE INDIA

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Thursday, November 7

मुझे भारत को सौंपा गया तो आत्महत्या कर लूंगा: नीरव मोदी


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क। 
लंदन : भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की जमानत याचिका यूके की अदालत ने बुधवार को एक बार फिर खारिज कर दी। नीरव ने कोर्ट में कहा कि अगर उसे भारत को प्रत्यर्पित किया जाता है तो वह आत्महत्या कर लेगा। साथ ही उसने कहा कि उसे जेल में 'तीन बार' पीटा गया। हालांकि इन सब दलीलों का अदालत पर कोई असर नहीं हुआ और उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

49 वर्षीय नीरव वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपने वकील हुगो कीथ क्यूसी के साथ आया था। जमानत के लिए यह उसकी पांचवीं अपील थी। नीरव पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े दो अरब डॉलर के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है।

कीथ ने दावा किया कि नीरव को वेंड्सवर्थ जेल में दो बार पीटा गया। कीथ ने कहा कि अप्रैल और फिर हाल ही में मंगलवार को उसे पीटा गया।

कीथ ने कहा, 'कल सुबह नौ बजे के बिलकुल बाद जेल में ही बंद दो अन्य कैदी उसके सेल में आए। उन्होंने दरवाजा बंद करके उसे घूंसा मारा और जमीन पर गिराकर लातों से पीटा। इसके साथ ही उसे लूटने की भी कोशिश की। नीरव उस समय किसी से फोन पर बात कर रहा था। यह हमला नीरव को खास तौर पर निशाना बनाकर किया गया था।' कीथ ने डॉक्टर की नीरव के डिप्रेशन की कॉन्फिडेंशल रिपोर्ट के लीक हिस्से का जिक्र करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि जेल अधिकारी इस हमले पर कोई ऐक्शन नहीं ले पाए और किसी परामर्शदाता से मिलने की नीरव के अनुरोध को ठुकरा दिया गया।

कीथ ने कहा, 'नीरव मोदी कि अगर नीरव मोदी को प्रेस में 'करोड़पति हीरा व्यापारी' कहा जाता रहा तो इस तरह के हमले आगे भी होते रहेंगे।'

नीरव ने कहा कि अगर उसे भारत भेजे जाने का फैसला दिया गया होता तो वह खुद को खत्म कर लेता। उसने फिर कहा कि उसे भारत में निष्पक्ष ट्रायल की उम्मीद नहीं है।

नीरव मोदी 19 मार्च को गिरफ्तारी के बाद दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में है। भारत सरकार के अनुरोध पर स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन पुलिस) ने प्रत्यर्पण वारंट की तामील करते हुए उसे गिरफ्तार किया था ।

नई जमानत याचिका बुधवार को खारिज होने के बाद नीरव को तगड़ा झटका लगा है। नीरव ने मुचलके के तौर पर 40 लाख पाउंड की भारी धनराशि का भुगतान करने के साथ ही संदिग्ध आतंकवादियों के समान निगरानी में रखे जाने की पेशकश की थी लेकिन अदालत ने उसकी दलील को अनसुना कर दिया ।

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