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Saturday, November 16

केन्द्र सरकार के निजीकरण के फैसले के खिलाफ लामबंद हुए एनटीपीसी मेजा के कर्मचारी व परिवारजन


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क प्रयागराज। 
केंद्र सरकार के एनटीपीसी लिमिटेड के प्रस्तावित निजीकरण के फैसले के ख़िलाफ़ एनटीपीसी मेजा के सभी कर्मचारियो व परिवारजन ने विरोध स्वरूप आज दिनांक 15 नवंबर को मेजा परियोजना के आवासीय परिसर में गेट मीटिंग व कैण्डल मार्च निकाला । इस निजीकरण के विरोध में सभी कर्मचारियों  में व्याप्त रोष फूटा और भारी संख्या में (लगभग 1000 लोगो ने) कैंडल मार्च निकाला । एनटीपीसी    कार्यपालक संघ , मेजा (नीम) के बैनर तले यह भारी विरोध प्रदर्शन किया गया । एनटीपीसी एग्जेक्युटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफि) के मुताबिक यदि सरकार अपने निजीकरण के फैसले पर आगे बढ़ती है तो देश व्यापी 2 दिन की स्ट्राइक की जाएगी जिससे पूरे देश मे बिजली संकट गहरा जाएगा ।


एनटीपीसी की  देश भर में 50 से ज्यादा जगह परियोजनाएं हैं और सभी जगह एक साथ कैंडल मार्च निकाल कर केन्द्र सरकार के निजीकरण के फैसले को चुनौती दी गयी है ।


एनटीपीसी कार्यपालक संघ के महासचिव श्री धर्मेंद्र सिंह की अगुवाई में हुए मेजा परियोजना के इस विरोध प्रदर्शन के शुरुवात के संबोधन में महाससहिव- नीम ने बताया कि एनटीपीसी भारत सरकार की एक most profitable महारत्ना कंपनी है । प्रत्येक वर्ष लगभग 11000 से 13000 करोड़ रुपए का profit कमा कर भारत सरकार को देती है । बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भारत मे कोई भी निजी कंपनी एनटीपीसी के समान दक्षता व कार्यकुशलता में दूर दूर तक कोई प्रतिद्वंदी है ही नहीं । भारतवर्ष में हर तीसरा बल्ब एनटीपीसी के द्वारा उत्पादित बिजली से ही जलता है । ऐसे में इसका निजीकरण कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है ।

महासचिव नीम श्री धर्मेंद्र सिंह ने इस कैंडल मार्च में उमड़े भारी जन सैलाब, खासकर मेजा आवासीय परिसर की मातृ शक्ति, महिलाओं व बच्चों, को विशेष धन्यवाद किया  ।

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