चिन्मयानंद केस : रेप पीड़िता भी हो सकती है गिरफ्तार, हाईकोर्ट का अरेस्ट पर रोक से इनकार - COVERAGE INDIA

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Monday, September 23

चिन्मयानंद केस : रेप पीड़िता भी हो सकती है गिरफ्तार, हाईकोर्ट का अरेस्ट पर रोक से इनकार


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क शाहजहांपुर। 
शाहजहाँपुर। बीजेपी के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। विशेष जांच दल (एसआईटी) के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि चिन्मयानंद से जबरन धन वसूलने के लिए पीड़िता के दोस्त संजय सिंह तथा दो चचेरे भाइयों - सचिन और विक्रम ने चिन्मयानंद को फोन किया था और इस साजिश में पीड़िता भी शामिल थी।

इस मामले में सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई हुई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चिन्मयानंद की ब्लैकमेलिंग मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर छात्रा की ओर से दाखिल अर्जी को ठुकरा दिया है। अदालत ने कहा यह स्पेशल बेंच है, जो सिर्फ एसआईटी जांच की मॉनिटरिंग करेगी। हालांकि, जस्टिस मनोज मिश्र और जस्टिस मंजू रानी चौहान की खंडपीठ ने छात्रा से कहा है कि गिरफ़्तारी पर रोक के लिए अलग से नियमित कोर्ट में अर्जी दाखिल की जा सकती है।

डिवीजन बेंच ने छात्रा द्वारा मजिस्ट्रेट के सामने 164 का बयान दोबारा दर्ज कराए जाने की मांग वाली अर्जी भी ठुकराई दी है। अदालत ने कहा इसके लिए छात्रा ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर सकती है। यह बेंच निचली अदालत के काम में दखल नहीं देगी। छात्रा ने अपनी याचिका में मजिस्ट्रेट बयान के वक्त एक अंजान महिला के मौजूद रहने और सिर्फ अंतिम पेज पर ही दस्तखत कराने का आरोप लगाया था। अदालत ने यूपी सरकार की तरफ से इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में किए जाने की मांग भी ठुकरा दी। सुनवाई के दौरान अदालत एसआईटी की अब तक की जांच से फौरी तौर पर संतुष्ट नजर आई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले में  22 अक्टूबर को फिर से सुनवाई करेगी। एसआईटी को  22 अक्टूबर को कोर्ट में अगली प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

बता दें कि शुक्रवार को चिन्मयानंद को गिरफ्तार किए जाने और जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों के बाद तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों ने कहा कि चूंकि जांच के सभी आदेश शीर्ष अदालत ने दिए थे, इसलिए एसआईटी पीड़िता को गिरफ्तार करने से पहले कोर्ट को सूचित कर सकती है। एसआईटी के एक अधिकारी ने कहा, 'जबरन वसूली मामले में वह सक्रिय थी और हम उस पर नजर रखे हुए हैं। हम उचित समय पर कार्रवाई करेंगे।' चिन्मयानंद की संस्था के एक कॉलेज से पोस्टग्रेजुएट का कोर्स कर रही कानून की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर दुष्कर्म और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया है कि उसका शोषण एक साल तक चला।

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