कोर्ट में काम न आईं सिब्बल की दलीलें, 5 दिन की CBI रिमांड पर भेजे गए चिदंबरम - COVERAGE INDIA

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Thursday, August 22

कोर्ट में काम न आईं सिब्बल की दलीलें, 5 दिन की CBI रिमांड पर भेजे गए चिदंबरम


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क। 
नई दिल्ली। सीबीआई की अदालत ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और गृहमंत्री पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई के हिरासत में भेज दिया है। इस बीच कोर्ट ने कहा है कि चिदंबरम के वकील और उनके परिवार के लोगों को रोजाना 30 मिनट रोजाना मिल सकते हैं। यही नहीं कोर्ट ने यह भी कहा है कि पीड़ित का निजी गरिमा का हनन नहीं होना चाहिए।

इससे पहले उनके वकील कपिल सिब्बल ने सीबीआई पर रात को बेवजह अरेस्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कहा कि एजेंसी ने चिदंबरम से रात में कोई पूछताछ नहीं की। उनसे सुबह 11 बजे से सवाल पूछे गए। कुल 12 सवाल उनसे पूछे गए थे। सिब्बल के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने चिदंबरम का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मसले में FIPB पर फैसला लेने वाले 6 अधिकारी ही पकड़ से बाहर हैं।

सिंघवी ने कहा कि सीबीआई आखिर इतनी बेचैन क्यों है और क्यों उन्हें अचानक गिरफ्तार करने पर आमादा है। सिंघवी ने कहा कि इस मामले में सीबीआई गलत तरीका अपना रही है, चिदंबरम उसके मन-मुताबिक जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उनसे 2018 में पूछताछ की थी और फिर उन्हें फोन तक नहीं किया।

इस बीच पी. चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उन्हें बोलने देने की मांग की। एसजी तुषार मेहता के विरोध के बाद भी उन्हें बोलने का मौका मिला। चिदंबरम ने कहा कि कृपया आप सवालों और जवाबों को देखिए। ऐसा कोई सवाल नहीं है, जिसका मैंने जवाब न दिया हो। आप ट्रांस्क्रिप्ट पढ़िए। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मेरा बाहर कहीं कोई खाता है, मैंने कहा नहीं। उन्होंने पूछा कि क्या मेरे बेटे का विदेश में कोई खाता है, मैंने कहा, हां।

सिब्बल के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने चिदंबरम का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मसले में FIPB पर फैसला लेने वाले 6 अधिकारी ही पकड़ से बाहर हैं। सिंघवी ने कहा कि सीबीआई आखिर इतनी बेचैन क्यों है और क्यों उन्हें अचानक गिरफ्तार करने पर आमादा है। सिंघवी ने कहा कि इस मामले में सीबीआई गलत तरीका अपना रही है, चिदंबरम उसके मन-मुताबिक जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उनसे 2018 में पूछताछ की थी और फिर उन्हें फोन तक नहीं किया।

इस बीच पी. चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उन्हें बोलने देने की मांग की। एसजी तुषार मेहता के विरोध के बाद भी उन्हें बोलने का मौका मिला। चिदंबरम ने कहा कि कृपया आप सवालों और जवाबों को देखिए। ऐसा कोई सवाल नहीं है, जिसका मैंने जवाब न दिया हो। आप ट्रांस्क्रिप्ट पढ़िए। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मेरा बाहर कहीं कोई खाता है, मैंने कहा नहीं। उन्होंने पूछा कि क्या मेरे बेटे का विदेश में कोई खाता है, मैंने कहा, हां।

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