सत्तापक्ष की चाटुकारिता में लीन मिडिया सिर्फ एक पक्ष के साथ खबरों में बन अपने चैनलों/अख़बारों में ढोल पीटता है - COVERAGE INDIA

Breaking

Sunday, May 26

सत्तापक्ष की चाटुकारिता में लीन मिडिया सिर्फ एक पक्ष के साथ खबरों में बन अपने चैनलों/अख़बारों में ढोल पीटता है


रंजीत यादव 
सत्तापक्ष की चाटुकारिता में लीन मिडिया सिर्फ एक पक्ष के साथ खबरों में बन अपने चैनलों/अख़बारों पर में ढोल पीटता है और बिपक्छ मूकदर्शक बन चुप रहा है कारण सत्ता के अधीन मीडिया जो है पर आखिर मीडिया अपने न्यूज़ रूम में बिपच्छ को बुलाता ही क्यों है जब उसकी बात सुननी ही नहीं है सिर्फ जनता के बीच एक भ्रम फैलाने के लिए -या अपनी trp बनाये रखने के लिए -जिस तरह से कल अखिलेश ने मीडियाई मंडी से दुरी बनाई थी इसी तरह से सभी दलों को कुछ दिनों के लिए दुरी बनाने की जरुरत है तब मिडिया की टीआरपी घटेगी और सच के साथ अपने दायित्य का निर्वहन करना धीरे धीरे सुरु करेंगे, बीते चुनाव में मिडिया का दोगला रवैये ने लोकतंत्र की ह्त्या में बराबर की भागेदारी निभाई है पर अफ़सोस पहले से बनाई गई मिडिया के साथ भूमिका पर पूरा संन्नाटा पसरा हुआ है जिसका परिणाम भविष्य के लिए बड़े खतरे का संकेत है, अखबारों के पन्ने हो या वेब मीडिया के पेज या फिर चैनल सिर्फ एक पार्टी के ख़बरें बनी रहती रहीं यहाँ तक की नुक्कड़ नाटक की खबरों तक को प्रमुखता दी गई पर बिपच्छ की खबरों को कोने में ख़त्म कर दिया जाता रहा सत्ता अगर आरोप लगाती तो सभी एडीशन में प्रमुखता से जगह दी जाती रही है पर बिपच्छ की खबरें काट दी जाती रही है खैर इनका हिसाब किताब समय करेगा पर इन सभी के बीच आप ध्यान देंगे तो आपको जीत के बीच एक सन्नाटे की सनसनाहट भी महसूस होगी पर ये सन्नाटा क्यों ये विचारणीय है - वो अलग बात है की दिमाग के अन्धो को हर मौषम हर तरफ हरियाली दिखती है ....

Our Video

MAIN MENU