UP Board Class 10th Result 2019: सुनिए, टापर की कहानी उन्ही की जुबानी - COVERAGE INDIA

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Saturday, April 27

UP Board Class 10th Result 2019: सुनिए, टापर की कहानी उन्ही की जुबानी


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क। 
मन में बस एक ही इच्छा रहती है कि लक्ष्य के लिए जमकर तैयारी करनी है. बिना ये साचे-समझे कि रिजल्ट क्या आएगा. रिजल्ट के बारे में बस उसी दिन सोचती हूं जिस दिन रिजल्ट आना होता है.मैं हर हालात को सामने रखकर अपने लक्ष्य को पाने के लिए तैयारी करती हूं. रिजल्ट अच्छा होगा या खराब इसे कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने देती. मन में बस एक ही इच्छा रहती है कि इस लक्ष्य के लिए जमकर तैयारी करनी है. बिना ये साचे-समझे कि रिजल्ट क्या आएगा. रिजल्ट के बारे में बस उसी दिन सोचती हूं इसका फायदा मुझे ये मिलता है कि मेरे ऊपर कभी भी प्रेशर नहीं बनता है. और एक बात बताऊं तो इसी वजह से मैं हर क्लास में फर्स्ट आती हूं. क्लास में कभी भी मेरी पोजिशन दूसरी नहीं आई. जब बोर्ड की परीक्षा दी तो वहां भी मेरी पोजिशन देशभर में फर्स्ट थी.जिस दिन रिजल्ट आना होता है.ये कहना है वर्ष 2018 में सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की परीक्षा टॉप करने वाली नंदिनी गर्ग का, “नंदिनी शामली, यूपी की रहने वाली है. नंदिनी को 500 में से 499 नम्बर मिले थे. नंदिनी का कहना है, टयूशन को अपने ऊपर हावी नहीं होने दें.

टयूशन पढ़ने से बेवजह का प्रेशर बढ़ता है.जो हम टयूशन में पढ़ते हैं उसी की घर पर सेल्फ स्टडी करें. जो परेशानी आए तो उसे स्कूल के टीचर से पूछें. मैंने हमेशा स्कूल के टीचरों का साथ लिया. मेरा परिवार एक स्कूल चलाता है. मम्मी और पापा इंजीनियर रहे हैं. जिसके चलते मुझे घर में भी पढ़ाई का माहौल मिलता था. क्लास हो या घर सवाल पूछने में कभी हिचकती नहीं थी. अभी तो मैं शामली में स्कॉटिश इंटरनेशल स्कूल से ही 12 वीं की पढ़ाई कर रही हूं. फिर इंजीनियरिंग करके सिविल क्योंकि भारतीय प्रशासनिक सेवा के जरिये राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए अच्छा प्लेटफार्म मिलता है. यदि इच्छा शक्ति है, तो व्यवस्था में व्याप्त खामियों ठीक किया जा सकता है और समाज को नई दिशा दी जा सकती है, जिससे देश का भला हो नंदिनी ने 11वीं की परीक्षा 95 प्रतिशत नम्बरों के साथ पास की है. और अब एक बार फिर बिना फेल-पास की चिंता किए नंदिनी 12वीं की तैयारी में जुट गई हैं.सके.”सर्विसेज की तैयारी करुंगी.वहीं नंदिनी के पिता राजीव गर्ग का कहना है, "मेरी बेटी हमेशा टॉरगेट को फोकस्ड कर तैयारी करती है. हमने कभी उसके ऊपर किसी लक्ष्य को नहीं थोपा. कभी अपनी ख्वाहिशों को नंदिनी में पूरा करने की कोशिश नहीं की. बस इतना जरूर करते हैं कि उसकी पढ़ाई-लिखाई और उसके शेड्ययूल की निगरानी जरूर करते हैं. जैसे ही हमे लगता है कि यहां उसे सलाह की जरूरत है तो हर वो अच्छी और गलत बात उसे समझाते हैं। 

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