देश की सेना को “मोदी सेना” कहनेवाले ‘देशद्रोही’ योगीजी के खिलाफ कार्यवाई होंगी क्या..? - COVERAGE INDIA

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Friday, April 5

देश की सेना को “मोदी सेना” कहनेवाले ‘देशद्रोही’ योगीजी के खिलाफ कार्यवाई होंगी क्या..?


कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क। 
भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ भाजपा का हिन्दुत्व का चेहरा और मौहरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके शासन में कई बदमाशों को ठिकाने लगा दिए गये है। राजनीतिक तौर पर देखा जाये तो उनके समर्थक योगीजी को योगी फोर पीएम भी कहते है। वे प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं यह तो उनकी हस्त रेखा ही जानें। लेकिन भारत की सेना मोदी की सेना है ऐसा कहकर उन्होंने सेना का जो अवमान किया है वह सारा देश जान चूका है।

चुनाव आयोग ने प्रतिपक्ष की फरियाद के आधार पर योगीजी का जवाब भी मांगा है। हालाकि उन्होंने क्या जवाब दिया या देंगे इसे पहले मोदी सरकार के ही एक मंत्री जनरल वी.के. सिंहने साफ साफ शब्दों में अपनी अंतरआत्मा को जगाकर कह दिया कि भारत की सेना मोदी की सेना नहीं है और जो कोई यह कह रहा है की भारत की सेना मोदी की सेना है…तो वह सिर्फ गलत ही नहीं लेकिन देशद्रोही भी है। उनके इन बयान का कांग्रेस ने जमकर स्वागत किया लेकिन जब जनरल को अहसास हुआ कि उन्होंने यह क्या कह दिया तब तक बाजी उनके हाथ से निकल चुकी थी। मानों कि तीर कमान से निकल गया हो जो कि वापस नहीं आता।

वी.के सिंह भाजपा में जुड़े उससे पहले भारत की सेना के सेनापति और जनरल थे। अवकाश प्रप्ति के बाद वे तुरंत ही भाजपा में शामिल हो गये और उन्हें टिकट भी दिया गया। जीतने के बाद जनरल सेना की वर्दी उतार कर राजनेता की वर्दी में आ गये। लेकिन जब भारत की सेना का अवमानना का मामला आया तब उन्होंने एक राजनेता की तरह ही नहीं परंतु सेना के पूर्व अध्यक्ष के तौर पर अपनी अंतरात्मा को जगाया और किसी से भी डरे बिना कह दिया कि जो यह कहता है कि भारत की सेना मोदी सेना है तो वह देशद्रोही है। मामला साफ हो गया है अब देश की और हो सकता है कि सेना की नजर मोदी सरकार तथा चुनाव आयोग पर टिकी है कि भारतीय सेना का अवमान करने के लिए योगी को क्या सजा दी जाती है?

भारत की सेना को लेकर किसी दल या किसी नेता के साथ उसे जोड़ना और यह सुनने के बाद भी प्रधानमंत्री या देश के राष्ट्रपति द्वारा उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहना क्या बताता है ? संविधान के तहत राष्ट्रपति तीनों सेना के अध्यक्ष होते है अतः मोदी सरकार अपने चहेते सीएम योगी के खिलाफ कोई कार्यवाई करे या नहीं करे लेकिन राष्ट्रपति जी को योगी के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करनी चाहिए क्योंकि यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है और यदि इसे यहीं पर नहीं रोका गया तो बात आगे बढ़कर यहां तक पहुंचेगी कि कल को भाजपा के कार्यकर्ता भी भारत की सेना को आदेश देंगे कि तुम हमारे मोदी की सेना हो और जैसा कहते है वैसा करो। सुनने में यह ताज्जुब सा लगता है लेकिन आज योगी कल कोई और भारत की सेना के लिए क्या कुछ नहीं कह सकता इसकी कोई गारंटी नहीं है।

जब पूर्व जनरल ने माना कि भारत की सेना को मोदी सेना कहने वाले देशद्रोही है तब यूपी के मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ कानूनन कार्यवाई की जानी चाहिए या नहीं इसका निर्णय भारत सरकार या मोदी सरकार को लेना होगा। पिछले कुछ समय से राजनीति में भारत की सेना को जिस तरह से लाया जा रहा है वह लोकतंत्र के लिए भी उचित नहीँ। सरकार वी.केसिंह की बात माने और योगी को कड़ी फटकार लगाये कि ये भारत की सेना है न कि किसी मोदी की सेना है….!

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